कर्नाटक की राजनीति में पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि राज्य में फिलहाल मुख्यमंत्री नहीं बदले जाएंगे और वर्तमान व्यवस्था ही जारी रहेगी। उनके इस बयान के बाद सीएम पद को लेकर उठ रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है।
सिद्धरमैया-शिवकुमार के बीच खींचतान पर बोले खरगे
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित खींचतान को लेकर भी खरगे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जल्द सुलझा लेगी। हाल ही में शिवकुमार के समर्थकों द्वारा यह मांग उठाई जा रही थी कि उनके जन्मदिन 15 मई पर उन्हें मुख्यमंत्री पद सौंपा जाए, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं।
‘पार्टी में कोई कलह नहीं’, शिवकुमार का जवाब
वहीं, जब इस पूरे मामले पर डीके शिवकुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कोई कलह नहीं है और इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष क्या कह रहे हैं, वही अधिक प्रासंगिक है।
परमेश्वर के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
कलबुर्गी में मीडिया से बातचीत के दौरान खरगे से गृह मंत्री जी परमेश्वर के बयान पर भी सवाल किया गया। परमेश्वर ने मुख्यमंत्री पद में बदलाव की स्थिति में किसी दलित नेता को मौका देने की बात कही थी और यहां तक कहा था कि अगर खुद खरगे इस पद को संभालें तो उन्हें खुशी होगी। इस पर खरगे ने कहा कि उनके संबंध में कोई भी निर्णय सोनिया गांधी ही लेंगी।
‘फैसले में लगेगा समय, अभी सवाल ही नहीं’
खरगे ने आगे कहा कि अगर भविष्य में किसी तरह का बदलाव करना होगा तो वह कांग्रेस नेतृत्व—सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनके साथ मिलकर लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि राज्य में पहले से ही मुख्यमंत्री मौजूद हैं। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी बड़े फैसले के लिए समय लिया जाएगा।
दिल्ली दौरे पर शिवकुमार का बयान भी चर्चा में
हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बैठकों को लेकर भी डीके शिवकुमार से सवाल किए गए थे। इस पर उन्होंने कहा था कि वे राजनीतिक मुद्दों पर मीडिया के सामने चर्चा नहीं करेंगे और जब समय आएगा, तब सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है और सभी निर्णय संगठन के अनुसार ही लिए जा रहे हैं।
फिलहाल यथास्थिति बरकरार
कुल मिलाकर कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि कर्नाटक में अभी किसी बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, भविष्य को लेकर पूरी तरह दरवाजा बंद नहीं किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
